coding kya hai |कोडिंग के बारे में पूरी जानकारी

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कोडिंग क्या है | what is coding in Hindi

आज के समय में दुनिया चलने में coding का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. लेकिन बहुत से लोग ये ही नहीं जानते की coding kya hai. कुछ लोगों के लिए coding नाम की चीज़ दुनिया में exist ही नहीं करती. लेकिन जितनी भी technology आप आज के समय में इस्तेमाल करते है उसके पीछे कही न कही coding जरूर होती है

तो चलिए जान लेते है की coding kya hoti hai

Coding को computer programming के नाम से भी जाना जाता है. क्यु की इसके ज़रिये ही computers के साथ संचार किया जाता है. Code के ज़रिये computer को दिशा निर्देश दिए जाते है. Coding के ज़रिये ही Programs बनाये जाते है. जो या तो computer में चलते है या computer को interface दे कर उसे आम इंसान के चलने लायक बनाते है

कोई भी program जब आप coding के ज़रिये बनाते है तो आप coding से उस program में functions define करते है

इसके अलावा आप coding की मदद से websites और app को भी develop कर सकते है इसके सब के अलावा coding से आप बहुत सी cool चीज़ें कर सकते है

Coding जो है वो उस writing या script को कहते है जो programming language में लिखी जाती है. programming language का इस्तेमाल करके आप एक ऐसी script लिखते है जो computer समझ सके

Computers human language नहीं समझ सकते ऐसे में जो language computer समझते है हमको उसी language में उनके लिए functions और commands को लिखना पड़ता है

ताकि वो समझ सके की हम उनको क्या कहना चाह रहे है

आज के समय में जितने भी बड़े tech billionaires है उन सब को अपने बचपन में coding में बहुत रुचि थी और उन्होंने बहुत जल्दी coding सीखना और करना शुरू कर दिया था

इसके अलावा अगर आप बढ़िया सैलरी वाली job जैसे की software engineer, data scientist आदि करना चाहते है तो उस के लिए भी coding आना जरूरी है.

चल रहे समय में और आने वाले समय में coding का बहुत scope है.

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अगर आपको हम बहुत कम शब्दों में बताये की computer क्या है तो Computer electronic machines होती है और इसको transistor का इस्तेमाल करके बनाया जाता है .

Transistor जो होते है वो simple solid state on-off switch होते है. ऐसे ही हज़ारों on-off switch मिला कर ही computer बनता है. Computer सिर्फ एक hardware है जिसको operatable बनाने के लिए किसी software की जरूरत पड़ती है. ये जो software होते है वो coding की मदद से ही बनते है

Coding करने के लिए कई प्रकार की computer languages होती है जिनकी मदद से कोडिंग की जाता है

मान लीजिये की आपने किसी व्यक्ति को लिखित में कोई दिशा निर्देश देने है तो आप उसको उसी भाषा में letter भेजेंगे जिस भाषा को वो समझता है. इसी प्रकार computer सिर्फ computer languages को ही समझता है और उसी मे coding के ज़रिये उसके लिए दिशा निर्देश लिखे जाते है

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार | Types of Programming languages in Hindi

Programming languages simple set of rules होते है जो बताते है की code को कैसे लिखना है.

जैसे English language के लिए grammar होती है उसी प्रकार हर programming language की अपनी खुद की grammar होती है

Programming language ऐसी language होती है जिसको की computer समझता है. Programming language की मदद से web pages व apps भी create की जा सकती है. बहुत सी अलग-अलग computer languages है जिनका इस्तेमाल अलग-अलग purpose के लिए किया जाता है

  • C

ये एक बहुत ही popular programming language है. c language जो है वो एक structured programming language है जो की इस्तेमाल करने में बहुत आसान और simple है

Windows जैसे popular operating system को बनाने के लिए c का इस्तेमाल हुआ है. इसके अलावा दूसरे complex programs जैसे की oracle database python interpreter व git को बनाने के लिए भी c का इस्तेमाल हुआ है. C programming language जो है वो programming का base है अगर आपको c आती है तो आप दूसरी languages भी आसानी से सीख पायेंगे

  • C++

ये एक cross platform language है जो high performance applications को बनाने के लिए इस्तेमाल में लायी जाती है. c++ programming language जो है वो c language का extension है आज के समय में जितने भी operating systems व graphical user interfaces है. वहाँ पर आपको c++ जरूर देखने को मिल जाएगी. c++ जो है वो एक object-oriented programming language है. c++ programming language काफी close है c और java programming language के. C++ programming language का base c language है

  • HTML

Hypertext markup language का इस्तेमाल web pages को code करने के लिए किया जाता है. Html की मदद से images, videos, text को format किया जाता है ताकि उसको online display व transfer किया जा सके

  • CSS

CSS यानी cascading style sheets programming language का इस्तेमाल web pages को बनाने के लिए किया जाता है. CSS का इस्तेमाल HTML से format किए pages को beautify करने के लिए किया जाता है या आप कहा सकते है की इसके इस्तेमाल से website को style किया जाता है. 199४ में hakon wium के द्वारा इसको develop किया गया था. CSS की मदद से ही एक web page को background colour, font size आदि दिया जाता है. web page की desiging CSS से ही संभव हो पाती है

  • Python

python server-side software और web development language है. python में अंग्रेजी भाषा के जैसे ही syntax होते है. जिसकी मदद से backend में applications, operating systems, user interface आदि के लिए actions को script किया जा सकता है

  • Java

java एक object-oriented language है जिसको की sun microsystems ने साल 1995 में बनाया था. Java में English based commands है जिनकी मदद से applications को बनाया जा सकता है इसके अलावा java का mobile apps programming व video games निर्माण में भी प्रयोग किया जाता रहा है

  • PHP

PHP जिसको hypertext processor के नाम से भी जाना जाता है. ये एक coding language है जिसका इस्तेमाल web development में किया जाता है. PHP का इस्तेमाल server-side scripting की लिए किया जाता है. फेसबुक जैसे social media platform में PHP जैसी programming language का ही इस्तेमाल हुआ है. इसके अलावा WordPress CMS जिससे web पर 25% से भी ज्यादा website चलती है PHP पर ही बना है. PHP का इस्तेमाल server-side scripting के लिए होता है और इसको HTML के साथ मिलकर dynamic website बनाई जाती है

  • SQL

structured query language सबसे पहले IBM के द्वारा launch की गयी थी. SQL में simple syntax होते है जिसकी मदद से backend में websites के databases को run किया जाता है

इसके अलावा और भी बहुत सी programming languages है जैसे Ruby, JavaScript, swift, objective-c, Perl, visual basic, bootstrap. ऊपर हमने आपको basic language के बारे में ही बताया जो एक beginner coder as beginner सीख सकता है

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Coding vs programming | coding और programming में क्या अंतर होता है | coder vs programmer

Coding और programming में अंतर नहीं होता है इसी तरह programmer व coder भी एक ही व्यक्ति होते है. आज के समय में coding या coder शब्द का अधिक इस्तेमाल हो रहा है जबकि पहले coding करने वाले को programmer या computer programmer कहा जाता था. लेकिन होते दोनों एक ही है

कोडिंग कैसे सीखे | How to learn coding in Hindi

जैसे इंसानों की भाषा होती है वैसे ही computer की भी language होती है जिसके ज़रिये उनसे संचार या उनको command दी जा सकती है. जैसे किसी भाषा को सीखने में समय और practice लगती है. वैसे ही coding या computer programming सीखने में काफी मेहनत व समय की जरूरत पड़ती है

 

Coding एक skill है जो practice के साथ आता है अगर आप coding सीखना चाहते है तो उसके लिए online काफी free resources है इसके अलावा आप Udemy, Lynda जैसी websites से paid courses भी ले सकते है. इसके अलावा आप किसी college या university से degree course भी कर सकते है

Coders कितनी तरह के होते है | types of coders in Hindi

  • Front end developers

front end developers वो programmers होते है जो websites बनाते है. ये coder design, और layout के लिए responsible होते है. इस तरह की coding में front end programming languages का इस्तेमाल होता है. HTML, CSS, JavaScript ये front end development languages है

एक जो front end developer होता है वो graphic design को code में convert करता है. इसके लिए उसको कई चीजों का ध्यान रखना होता है. जैसे design को proper web functional बनाना, page load speed व mobile responsiveness का ध्यान रखना

  • Backend developer

front end developer responsible होता है front website design के लिए तो वही backend end developer server-side web application के लिए responsible होता है. इसके अलावा वो front end developer के साथ उसके work को backend से integrate करने में भी मदद करता है

Backend developer का काम server-side development का होता है. backend developer जो है वो scripting databases व website architecture का ध्यान रखता है.

एक backend developer बनाने के लिए आपको web development languages आनी चाहिए इसके अलावा आपको API, servers व database का भी ज्ञान होना चाहिए

Web development languages में कुछ languages जो है वो है java, ruby, .net व python.

ये languages आज कल चलन में है इनके अलावा और भी languages होती है जो backend में काम आती है . वही database technologies जो backend में important है वो है MySQL, SQLServer, , Oracle, MongoDB , Redis. इनके अलावा आपको caching की knowledge भी होनी चाहिए

Backend development में जो servers popular है जिनका का ज्ञान होना backend developer के लिए plus point है वो है IIS servers, Apache, Nginx, Microsoft IIS

इसके अलावा API की knowledge भी होनी चाहिए

  • Mobile app developer

एक mobile app developer जो होता है उसको mobile apps design करनी आनी चाहिए. आज के समय में मोबाइल पर website से भी ज्यादा traffic है

Mobile app developer बनाने के लिए आपको mobile programming language का आना जरूरी है

Android के लिए अगर आप app बनाना चाहते है तो इसके लिए आपको java के साथ android studio आना चाहिए. इसके अलावा kotlin जो एक नयी programming language है और java को replace कर रही है उसका का भी ज्ञान आपको होना चाहिए

वही अगर आप apple के लिए app बनाना चाहते है तो इसके लिए आपको swift और objective-c आनी चाहिए इसके अलावा development tool XCode का भी ज्ञान जरूरी है

Coding carrier in Hindi

  • Web developer
  • Database administrator
  • Software Application developer
  • Computer system engineer
  • Computer systems analyst
  • Computer programmer

कोडिंग सिखने के क्या फायदे है

कोडिंग सिखने से आपके अंदर logical thinking बढती है इसके अलावा complex problem को कैसे step by step solve किया जाता है कोडिंग सिखने के कारण आप ये भी सीखते है.

कोडिंग में decomposition का process सिखाया जाता है जहां complex problem को small problem में break down कर के manage और आसानी से solve करना सिखाया जाता है

तो ऐसे में अगर आप professionally कोडिंग as a carrier नहीं भी चुनते तो भी ये logical thinking और complex problem को solve करने की capability आपको जीवन में काफी काम आ सकती है

इसके अलावा कोडिंग सिखने से आपके अंदर creativity बढती है. इसके अलावा आपकी structural thinking व communication skills भी increase होते है. कोडिंग के कारण maths skills भी improve होते है इसके अलावा कोडिंग सिखने के और भी बहुत से फायदे है. तो ऐसे में अगर आपको student life में कोडिंग सिखने का मौका मिले या आप कोडिंग सिखने के बारे में सोच रहे है तो ऐसा आपको जरूर करना चाहिए

कोडिंग languages कितने प्रकार की होती है

वैसे तो कोडिंग लैंग्वेजेज बहुत से होती है लेकिन अगर हम उनको categories के base पर विभाजित करे तो मुख्यता ये तीन तरह के होती है

  • Low level languages

low level language थोड़ी बहुत human के द्वारा बोली जाने वाली language से मिलती जुलती है. बहुत experience के बाद ही आप इस को सीख सकते हो. हर computer के लिए अलग हो सकती है. उद्धरण के लिए binary एक low level language है जिसको केवल 1 और 0 का इस्तेमाल करके लिखा जाता है

computer जो है वो hypothetical binary code को read करके command को execute करता है

ये machine languages होती है और इसको assembly languages भी बोला जाता है

  • High level languages

High level programming languages की मदद से computer independent programming codes को लिखा जा सकता है. इसमें लिखे programs को लगभग सभी computer पर run किया जा सकता है. High level programming languages को high level इस लिए कहा जाता है क्यु की ये human languages के similar सी होती है. C, C++, basic, cobol और pascal ऐसी ही languages है

इन सब के अलावा और भी बहुत से high level programming languages होती है

High level languages जो होती है वो low level languages की तुलना में कुछ आसान होती है read, write और maintain कर ने के लिए

  • Object oriented languages

ये काफी fundamental programming languages होती है जिनका इस्तेमाल हर programmer अपने जीवन काल में कभी न कभी करता ही है. Object oriented languages काफी popular programming languages है. OOP languages जो होती है वो है c++, python, java और JavaScript.

इन सब के अलावा और भी object oriented languages होती है

Coding यहाँ से सीखे

 

कोडिंग कैसे सीखे फ्री में

आप online बहुत ही आराम से फ्री में कोडिंग सीख सकते है. अगर free में online कोडिंग सीखना चाहते है तो इसके लिए आप free online resources का इस्तेमाल कर सकते है. आप YouTube पर भी free coding tutorials देख सकते है इसके अलावा W3Schools जैसी website से free में coding learn कर सकते है

और भी बहुत से free online coding learning resources है जैसे coursera, khan academy, edX, udemy, codeacademy, bento, freecodecamp, pluralsight, upskill जहां से आप free में coding learn कर सकते है

कोडिंग क्लास में क्या सिखाया जाता है

Coding course content पूरी तरह से course के difficulty level पर depend करता है. अगर course basic level का है तो उमसे basics सिखाया जाता है वही advance या mastery level के course में advance programming skill सिखाया जाता है. आप udemy जैसी website पर जा कर programming course का content check कर सकते है

प्रोग्रामिंग कैसे किया जाता है

प्रोग्रामिंग को developer या programmers के द्वारा किया जाता है ये एक process है. सबसे पहले तो उस problem को identify किया जाता है जिसको programming के द्वारा solve किया जाना है.

उसके बाद दुसरे step में solution को design किया जाता है इस step में सभी चीजों को plan किया जाता है.

Third step में second step के according coding का इस्तेमाल करके programming को किया जाता है

Last step में program को test किया जाता है और उसमे थोड़ी बहुत improvement भी की जाती है

वैसे किसी भी program/software/app में continuous improvement चलती रहती है लेकिन फिर भी चौथे step में थोडा बहुत checking और tunning कर के program का version 1.0 launch कर दिया जाता है

प्रथम प्रोग्रामिंग भाषा कौन से है

Fortran नाम की programming language जो है वो दुनिया की सबसे पहली programming language थी. जिसको की 1956 में john backus और साथियों के द्वारा IBM में काम करते हुए बनाया गया था

इसके बाद second programming language in the world जो थी वो थी LISP जिसको की john McCarthy के द्वारा 1958 में इजाद किया गया था

बेसिक कोडिंग कैसे सीखे

Basic coding सिखने के लिए आप कोई online या offline course कर सकते हो. Online बहुत से ऐसे free resources है जहां पर आप free में online coding सीख सकते हो. इसके अलावा अगर आप books पढ़ कर कुछ भी सीखना पसंद करते हो तो इसके लिए आपको amazon और flipkart जैसी website पर coding से related बहुत सी books भी मिल जाएगी. वैसे online इतने free resources उपलब्ध है की आप बिना course fees दिए basic of coding तो बहुत ही आराम से सिख सकते हो

Coding bootcamp क्या होता है

Coding bootcamp एक ऐसा coding technical training program होता है जहा पर आपको advance programming skills सिखाई जाती है जो की एक अच्छी job पाने के लिए जरूरी होती है. या कहे bootcamp में job market में current programming skill की demands को देखते हुए coding training दी जाती है

Coding bootcamp जो होते है जो 6 weeks से दो साल तक लम्बे होते है ऐसे में इन bootcamps में basics से advance course तक cover किया जाता है. इसके अलावा यहाँ पर practical real world projects पर भी काम करने का मौका दिया जाता है

Coding bootcamp में आप digital marketing, full stack web development, UX/UI design, data science जैसे skill अपनी जरूरत के हिसाब से सीख सकते है

कोडिंग के लिए भविष्य क्या होगा

आज के समय में coding जो है वो दुनिया का future है. आने वाले समय में coding में carrier बनाने वालो के लिए बहुत सी संभावनाएँ है. आने वाले समय में coding skill रखने वालो के लिए jobs की भी कोई कमी नहीं होने वाली. आने वाले और चल रहे समय में IT sector उन sectors में से है जो सबसे ज्यादा jobs निकल रहे है व सबसे ज्यादा सैलरी भी इसी sector में मिल रही है

बच्चो को कौन से उम्र में कोडिंग सीखनी चाहिए

वैसे तो coding सिखने के लिए कोई उम्र नहीं है अगर आपका कोडिंग में interest है तो आप किसी भी उम्र में कोडिंग सीखना शुरू कर सकते है. लेकिन अगर बात करे kids की तो अगर कोई माँ बाप चाहते है की उनका बच्चा छोटी उम्र से ही कोडिंग सीखना शुरू कर दे तो ऐसे में 5-७ वर्ष की age में आप अपने बच्चे को coding सीखनी शुरु कर सकते है . kids को coding सिखाने के लिए online बहुत से program है जिनमें आप अपने kids को enroll करवा सकते है. इसके अलावा आजकल schools में भी बच्चों को कम उम्र से ही कोडिंग सिखाने के लिए classes दी जाती है

बच्चो को कोडिंग क्यों सीखनी चाहिए

वैसे अगर आपका बच्चा coding में भविष्य न भी बनाना चाहे तो भी उसको कोडिंग की classes एक बार जरूर try करनी चाहिए. क्यु की coding सीखने और करने से बहुत सी दूसरी खुबिया भी एक बच्चे में विकसित हो जाती है.

जैसे की coding सीखने और करने से किसी भी kid में problem solving skills develop होते है, इसके अलावा बच्चों में coding सीखने से computational thinking भी बढती है, computational thinking के अलावा creativity, computer knowledge, communication skills भी increase होते है

इसके अलावा coding एक vocational course की तरह है यानी coding की advance जानकारी रखने वाले को बहुत ही जल्दी अच्छी job मिलती है व आप खुद का app या website develop कर के digital world business में भी अपना भाग्य आज़मा सकते है

 

गेम कोडिंग क्या है

आप जो गेम खेलते है वो गेम backside में code की वजह से चल रहा होता है. एक game programming ही होती है जो किसी भी गेम को life देती है. आज के समय में gaming industry बहुत ही ऊंचाई पर है.

गेमिंग में बहुत सी jobs की demand है. एक जो गेम programmer होता है वो गेम की लिए ऐसा code लिखता है जिससे की गेम को खेला जा सकने योग्य बनाया जाता है

Conclusion

तो आशा करते है coding kya hai आप ये समझ गए होगे. आपको बता दे की आने वाला और चल रहा समय coding या programming का ही है. आज के समय में जो world की top 5 companies है वो coding के कारण ही बनी है और उन companies के founder आपने कैर्रिएर की शुरुवाती दौर में programmers ही थे. तो ऐसे में coding से जुड़े jobs में future में बहुत scope है. इसके अलावा आप खुद का tech start-up भी शुरू कर सकते है.

Devanshu wadhwa

मैं एक ब्लॉगर व इस ब्लॉग का संस्थापक हु यहाँ इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी लिखता हूं. टेक्नोलॉजी, ब्लॉग्गिंग व ऑनलाइन पैसा कैसे कमाए आदि विषयों पर मै लिखता हु आप चाहे तो मुझे social media पर follow कर सकते हो
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