RAM kya hai पूरी जानकारी हिन्दी में

Ram kya hai और ये क्यों जरुरी है | what is RAM & its importance in Hindi

RAM या random access memory जो होती है ये computer की short term memory होती है. Computer में इसका इस्तेमाल active task और apps को handle करने के लिए किया जाता है. इस article में हम आपको computer RAM kya hai or इसकी क्या importance है इसके बारे में बतायेगे

वैसे आपको बता दे की computer में motherboard और processer के बाद ram का सबसे अधिक योगदान होता है. वैसे तो pc के सभी components ही बहुत जरूरी होते है. एक भी हटा दे तो PC शायद ही चल पाए. पर एक PC में motherboard, processor और Ram की बहुत importance है और मुख्यता ये ही एक PC की performance को तय करते है

आज यहाँ हम सिर्फ ram के बारे में बात करेंगे. आपको बता दे की आपके computer में कोई भी files , games या program न चल पाए अगर आपके pc से ram को हटा दिया जाये तो. अगर आप computer से ram हटा दे तो आपका PC start ही नहीं होगा. ये short term memory होती है जिसका इस्तेमाल program, games, files या अन्य दुसरे task PC चलने के दौरान करते है.

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History of RAM | RAM का इतिहास

  • सबसे पहली RAM 1947 में आई थी Williams tube के साथ. इसका इस्तेमाल CRT या cathode ray tube में किया गया था. इसमें डाटा को electrically charged spots की तरह store किया जाता था. इसके बाद second type की RAM जो थी वो magnetic core memory थी. जिसका की 1947 में ही आविष्कार किया गया था. इस RAM को बनाने के लिए छोटी-छोटी metal rings का इस्तेमाल किया गया था इन rings को wires के साथ एक दूसरे से जोड़ा गया था. हर ring में one bit of data को store किया जाता था
  • आज के समय में जिस तरह की RAM को हम देखते है है या इस्तेमाल करते है उसको solid-state memory के नाम से भी जाना जाता है. इस तरह की RAM को 1968 में Robert Dennard ने IBM के लिए काम करते हुए invent किया था. इस तरह की RAM को DRAM ( dynamic random access memory ) के नाम से भी जाना जाता है. इस तरह की RAM में transistor का इस्तेमाल data को store करने के लिए किया जाता था. जो आज भी कुछ बदलाव के बाद वैसे ही है. इन transistors को constant supply of power की जरूरत होती है ताकि RAM transistor के state को maintain रख सके
  • 1969 में intel के द्वारा DRAM को introduce किया गया ये सबसे पहली DRAM थी, बाद में इस DRAM को पब्लिक के लिए market में भी launch किया गया ये ही वो RAM थी जिसको market में public के लिए available कराया गया
  • 1993 में Samsung ने synchronous DRAM को introduce किया. इसके बाद इसमें कुछ और बदलाव किये गए और 1996 में इसको commercially available करवाया गया
  • 1999 से RDRAM भी market में आने लगी
  • इसके बाद 2003 में पहली DDR2 SD RAM आई और DDR RAM की series की शुरु वात हुई .
  • 2007 में DDR3 SDRAM और 2014 में DDR4 RAM का चलन शुरू हुआ और अभी भी market में इसी तरह की RAM अधिक प्रयोग किया जा रहा है

Ram kya hai

RAM का क्या काम होता है | Use of RAM in Hindi

Computer hard disk एक permanent storage space होता है computer में. computer के सभी डाटा को उसी ही में store किया जाता है. वही RAM का काम होता है temporary data storage space provide करना.

Hard disk की तुलना में RAM super-fast होती है. RAM जो होती है वो computer की short term memory होती है वो केवल तभी तक रहती है जब तक आप computer को restart या shutdown नहीं कर देते

Hardisk या SSD computer की long term memory होती है जहां permanent data store किया जाता है

कोई भी computing device हो आपको उमसे ram जरूर देखने को मिलेगी smart TV, mobile phone, tablet और सभी electronic devices इसका एक ही तरह से इस्तेमाल करते है. जिसके बारे में हमने आपको ऊपर बता दिया है

RAM का इस्तेमाल ऐसी information को store करने के लिए किया जाता है जो जब जरुरत हो quickly available हो सके. जैसे अगर आप computer में बहुत सी files, browser tabs और programs को एक साथ open कर के रखते है तो ऐसा RAM के कारण ही वो संभव हो पता है. अगर आपके computer में कम RAM है तो आप multitasking बहुत अधिक नहीं कर पाए गे. अगर आप कम RAM होने पर भी ऐसा करेंगे तो आपका PC hang होने की समाया आएगी

Ram कितने प्रकार के होते है | Types of RAM in Hindi

RAM दो प्रकार की होती है एक होती है एक होती है DRAM (dynamic RAM) दूसरी होती है SRAM (static RAM)

  • Static RAM (SRAM)- इस तरह की RAM डाटा को store करने के लिए six transistor memory cell का इस्तेमाल करती है. Static RAM को आम तौर पर processor के लिए cache memory की तरह इस्तेमाल किया जाता है. Static RAM data को तब तक hold कर पाती है जब तक की उसको power मिलती रहती है. Static RAM memory cells से बनी होती है और इसको regularly refresh करने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके कारण इस में से डाटा leakage की समस्या नहीं आती. ज़्यादातर SRAM memory cells जो होती है वो 6 CMOS transistors की बनी होती है.
  • Dynamic RAM (DRAM)- Dynamic Random access memory प्रतेक bit of data को separate capacitor जो की specific integrated circuit में है की ability provide करती है. आज के समय में dynamic RAM का ही अधिक इस्तेमाल किया जाता है . DRAM भी memory cells से ही बने होते है. मगर DRAM में सभी transistor नहीं लगे होते इस में one transistor और one capacitor एक के बाद एक लगा होता है

DRAM में लगे capacitor को regularly refresh करना पड़ता है ताकि उसमें charge बना रहे. तभी इसको dynamic ram कहते है अगर इसको regularly refresh नहीं किया जाये तो ये इसमें store temporary data को भूल जाता है.

हलांकि आपको ऐसा manually नहीं करना पड़ता आपका system pc इसका take care करता है ताकि आपका काम सुचारू रूप से चलता रहे. इसके लिए आपके pc में CPU या memory controller लगे रहते जो इस काम को करते है

Popular RAM manufacturer

  • Corsair
  • G-skill
  • Kingston
  • Hyperxfury
  • Adata

RAM VS Hard disk in Hindi | RAM और hard disk में क्या अंतर है

वैसे कुछ लोग RAM को memory भी कहा देते है जो की सही है हलांकि computer में आपको दूसरी प्रकार की memory भी देखने को मिल जाएगी. जैसे की hard disk भी memory ही होती है लेकिन दोनों में अंतर है.

दोनों का ही इस्तेमाल डाटा को store करने के लिए किया जाता है hard disk में डाटा permanent के लिए store किया जाता है क्यु की उसका काम ही data को permanent store करना है.

Hard disk में आप जो डाटा store करते है वो permanent hard disk में ही रहता है. फिर चाहे आप कितनी बार computer को restart कर ले.

वही RAM के साथ ऐसा नहीं ये RAM डाटा storage की ability तो provide करती है लेकिन user को नहीं computer को और साथ data storage का nature temporary होता है जैसे ही आप computer को restart या shutdown करेंगे तो वो stored data automatically erase हो जायेगा

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Difference between DDR 3 vs DDR4 RAM in Hindi | DDR 3 vs DDR4 RAM में क्या अंतर है

आज के समय में market में आपको DDR 3 और DDR 4 RAM ही देखने को मिलेगी. DDR 3 RAM latest नहीं है. DDR 4 RAM latest है लेकिन फिर भी DDR 3 RAM पूरानी technology होने के कारण सस्ते में मिल जाती है और इसका second market भी बड़ा है क्यु की बहुत से लोग इसको update कर DDR 4 RAM की तरफ जा रहे है. तो ऐसे में इन दोनों का अंतर जानना बहुत जरूरी है

DDR3 ram को 2007 में release किया गया था और ये अब outdated हो चुकी है DDR4 ही future है अब. अगर तुलना करें DDR3 RAM की DDR4 RAM से तो जो DDR4 RAM है वो lower voltages पर काम करती है. इसके अलावा DDR4 एक high speed RAM है

DDR3 की range DDR3 800 MTS से शुरू हो कर DDR3 2133 तक जाती है वही अगर overclocking की सुविधा है तो आप इसको DDR3 3200 तक ले कर जा सकते है

वही अगर बात करें DDR4 RAM की तो ये 1600MHz से शुरू हो कर DDR4 3200 तक जा सकती है और overclocking की सुविधा होने पर आप इसको DDR4 4800 तक ले जा सकते है

RAM और ROM में क्या अंतर है | RAM VS ROM In Hindi

सबसे पहले तो ROM की full form होती है Read only memory. ROM जो है उस में data जो होता है वो company के तरफ से pre-recorded आता है. और ये डाटा RAM के तरह power off होने पर erase नहीं होता है. Ram जो है वो volatile memory है तो वही ROM non-volatile memory. ROM भी कई प्रकार की आती है

  • Programmable ROM- ये भी non volatile ROM ही होती है इस प्रकार की ROM में data को memory chip को create करने के बाद लिखा जाता है
  • Mask ROM – इस तरह की chip में डाटा chip का निर्माण करते समय ही लिख दिया जाता है
  • Erasable programmable ROM- ये प्रकार की rom पर जो डाटा लिखा जाता है उसको erase किया जा सकता है ऐसा करने के लिए इस ROM को high intensity UV light से expose करवाना पड़ता है
  • Electrically erasable programmable ROM- इस तरह की rom का डाटा भी delete किया जा सकता है ये electrically erasable ROM होती है data erase करने के लिए electron emission का इस्तेमाल किया जाता है

Ram के मुख्य features | RAM (random access memory) main point in Hindi

  • RAM ये read और write memory होती है इसके अलावा इसको main या primary memory भी कहा जाता है
  • इसको volatile memory कहा जाता है क्यु की power off होने पर इसमें stored डाटा automatically erase हो जाता है
  • ये दो प्रकार की होती है एक होती है SRAM दूसरी होती है DRAM
  • CPU को काम करते समय जिन program और डाटा की जरूरत होती है वो temporarily इसी में store की जाती है
  • Computer में जो आप multi-tasking करते है उस में RAM का अहम् योगदान होता है

ROM के मुख्य features | ROM (Read Only memory) main point in Hindi

  • ये एक non-volatile memory होती है यानी power off होने पर इसका डाटा आपने आप delete नहीं होता
  • इसका इस्तेमाल washing machine, calculator, microwave, जैसे electronic equipment में होता है
  • इसमें में एक बार डाला गया डाटा हमेशा इसमें रहता है जब तक की उसको manually delete न किया जाये data खुद बा खुद delete नहीं होता है
  • इसका इस्तेमाल ऐसे embedded systems पर किया जाता है जहां पर programming को बार-बार change करने की जरूरत नहीं पड़ती है
  • ये मुख्यता 4 प्रकार की होती है PROM, EPROM, ROM, EEPROM
  • इसका इस्तेमाल बहुत जरूरी information store करने के लिए भी किया जाता है जैसे की essential program को store करने के लिए. Computer को bootable बनाने के लिए जो information store की जाती है वो इसी रूप में की जाती है

Where is ram located

Ram आपको motherboard के ऊपर DIMM slot में लगी हुई देखने को मिल जाएगी. Ram को कई बार computer का दिमाग कह कर भी बुलाया जाता है

क्या ram बढ़ने से computer की speed तेज़ हो जाती है

जी हाँ अगर आप के computer की ram अधिक है तो ये आपके pc की performance को increase करती है. अधिक ram होने से आपके computer की processing speed बढ़ जाती है. RAM की वजह से आपके processor की दूसरे components के साथ communicate करने की speed में इजाफा होता है. क्यु की अधिक RAM components के बीच information transfer speed को बढ़ा देती है

तो दोस्तों आशा करते RAM kya hai और ये किस प्रकार काम करती है ये आप जान गए होगे अगर आपके मन में RAM को ले कर कोई सवाल है तो आप हम से comment section में पूछ सकते है

Devanshu wadhwa

मैं एक ब्लॉगर व इस ब्लॉग का संस्थापक हु यहाँ इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी लिखता हूं आप चाहे तो हमारे ब्लॉग को सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते है
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