Bluetooth kya hai पूरी जानकारी | ब्लूटूथ कैसे काम करता है

Bluetooth kya hai | what is Bluetooth in Hindi

Bluetooth एक wireless communication करने की technology है. जिसकी मदद से दो devices को connect करके दोनों की बीच communication किया जा सकता है

आज के समय में Bluetooth आपको बहुत सी devices में देखने को मिल जायेगा . Bluetooth technology के वजह से ही चीज़ें wireless होती जा रही है जैसे की wireless keyboard, mouse, wireless speakers, smartphone, laptop में भी आपको Bluetooth देखने को मिल जायेगा.

जिन devices में आपको Bluetooth देखने को मिलेगा उनको आप दूसरी devices से बहुत आसानी से wirelessly connect कर सकते है और डाटा transfer कर सकते है

Bluetooth connect होने के लिए Wi-Fi या mobile डाटा का इस्तेमाल नहीं करता. ये connection के लिए device में मौजूद Bluetooth का इस्तेमाल करता है. इसके अलावा दोनों devices को 10-meter या 30 feet के area में होना भी जरूरी है

हलांकि नए Bluetooth जो आ रहे है उनमें ये range increase होती जा रही है. पर फिर भी manufacturer device को इतना ही limit कर के रखते है. आगे इस आर्टिकल में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे

Bluetooth की मदद से आप short range में data को exchange कर सकते है किसी भी Bluetooth enabled devices के बीच में ऐसा डाटा transfer संभव है.

Bluetooth technology की मदद से personal area network को create किया जा सकता है. ऐसा करने के लिए ये UHF radio waves in ISM bands का इस्तेमाल करता है. २.402 GHZ से २.48 GHZ के बीच के radio waves का इस्तेमाल करता है

90`s की technology आज भी file transfer और wireless connectivity में काफी योग दान दे रही है. हलांकि इसके शुरु वात से अब तक new versions आ गए है

History of Bluetooth | Bluetooth का इतिहास

आज कल Bluetooth बेहद आम है और आपके आस पास ऐसी बहुत सी devices मिल जाएगी जिसमें आपको Bluetooth देखने को मिल जायेगा. जैसा की हमने आपको बताया की ये 90`s की technology है जो आज भी latest versions के साथ बखूबी काम कर रही है

Dr Jaap Haartsen जो Ericsson में काम करते थे, ने 1994 में Bluetooth का आविष्कार किया था. उस समय इसका आविष्कार उन्होंने RS-232 telecommunication cables को replace करने के लिए किया था.

Bluetooth को improve करने के लिए 1988 में Bluetooth special interest group का गठन किया गया था. जो आज भी Bluetooth की बेहतरी के लिए काम कर रहा. शुरु वात में इस SIG group में सिर्फ IBM, Nokia, Toshiba और Ericsson थे.

लेकिन पहले ही साल इसमें 4000 से अधिक members जुड़ गए. आज के समय में इस group में 30000 से अधिक members है

Bluetooth का आविष्कार 1994 में ही कर लिया गया था लेकिन Bluetooth के साथ जो सबसे पहला फ़ोन launch हुआ था वो वर्ष 2001 हुआ था. Smart फ़ोन से भी पहले से blue tooth का इस्तेमाल किया जा रहा है

Consumers के लिए सबसे पहले 1999 में Bluetooth को launch किया गया था जो की hands free mobile headset में फिट किया गया था.

ये mobile headset काफी popular हुआ था. इसके बाद Bluetooth 1.0 को release किया गया जिसके बाद Bluetooth का mouse, PC, mobile phones में बड़ी मात्र में integration शुरू हो गया और ये सब Bluetooth technology के साथ आने लगी

उसके बाद तो हर mobile phone में Bluetooth आने लगा. आज के समय में आपको Bluetooth version 5.2 देखने को मिल जाता है. जो की Bluetooth का latest version है . Bluetooth के सभी versions के बारे में आगे बात करेंगे

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Bluetooth का इस्तेमाल कहा किया जा सकता है | uses of Bluetooth in Hindi

  • File transfer – आप files या डाटा को भेजने के लिए Bluetooth का इस्तेमाल कर सकते है. Bluetooth की मदद से आप आस पास में मौजूद device को बड़ी आराम से डाटा transfer कर सकते है. लेकिन ऐसा करने के लिए आपको उस device के साथ pairing करनी पड़ती है
  • Music सुनने के लिए – आज के समय में earphones, speakers, headphones सभी Bluetooth के साथ आते है. और आप इन को अपने mobile के साथ बड़ी ही आसानी से Bluetooth के ज़रिये connect कर सकते है और wirelessly music का मज़ा ले सके है
  • Hands free के इस्तेमाल के लिए – आज के समय में hands free market में उपलब्ध है जिसको की आप mobile से connect कर सकते है और bike चलते समय बिना फ़ोन उठाये handsfree की मदद से फ़ोन पर बात कर सकते है
  • Car को mobile से connect करने के लिए – आज कल cars में आपको Bluetooth देखने को मिल जायेगा जिसको की आप आपने mobile से connect कर सकते है.
  • Computer devices को connect करने के लिए – आज के समय में आप Bluetooth keyboard और mouse को कंप्यूटर या laptop के साथ wirelessly connect कर के इस्तेमाल कर सकते है
  • Wires को replace करना – basically Bluetooth का काम wires को replace कर wireless connection provide है. लेकिन इसको हर जगह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता

Bluetooth और NFC में क्या अंतर है | difference between Bluetooth & NFC in Hindi

Bluetooth और NFC technology में काफी समानता ये है. NFC Bluetooth से fast है और आप इसका इस्तेमाल fast connection के लिए कर सकते है

  • NFC में आपको दूसरी device के साथ interact करने के लिए पहले pairing की जरूरत नहीं पड़ती. जबकि Bluetooth में ऐसा नहीं अगर आप किसी device में डाटा भेजना चाहते है तो उसके लिए आपको दोनों device को पहले pair करना होगा
  • Bluetooth की range अधिक होती है वही NFC की speed fast होती है लेकिन range बहुत कम होती है इस की range 10 CM के भीतर-भीतर होती है
  • NFC का इस्तेमाल mobile payments में किया जा सकता है जबकि Bluetooth की मदद से आप ऐसा नहीं कर सकते

WIFI और Bluetooth में अंतर | difference between WIFI and Bluetooth in Hindi

WIFI और Bluetooth दोनों ही wireless technologies है जिसकी मदद से devices को connect किया जा सकता ही हलांकि WIFI का इस्तेमाल devices को internet से connect करने के लिए किया जाता है वही Bluetooth का इस्तेमाल short distance में connect करने और डाटा transfer के लिए किया जाता है

Bluetooth connection कितना secure है | How secure is Bluetooth connection

Bluetooth technology smartphone से भी पुरानी है और लोग इस technology को बहुत समय से इस्तेमाल कर रहे है. वैसे आपको बता दे की Bluetooth काफी secure technology है और ये Wi-Fi से भी ज्यादा secure है. लेकिन फिर भी wireless transfer technology होने की वजह से गलत जगह आपका डाटा transfer होने का risk तो हो ही सकता है. हलांकि थोड़ी बहुत सावधानी रख कर आप इस से बच सकते है

Bluetooth से हैकिंग/data breach के मामले न के बराबर सुनने को मिलते है

Bluetooth का आविष्कार किस ने किया था | who invented Bluetooth in Hindi

Ericsson नाम की कंपनी के engineers ने Bluetooth का आविष्कार किया था. Ericsson एक networking giant company है. Ericsson के लिए काम करने वाले electrical engineer Dr. Jaap Haartsen ने Bluetooth की खोज की थी.

Bluetooth versions in Hindi | Bluetooth version के प्रकार

  • Bluetooth 1.0 – Bluetooth के इस version को 1999 में launch किया गया था. इस version की maximum connection speed .07 MBPS थी और इसकी maximum range 10 meter या 33 feet के करीब थी
  • Bluetooth 2.0 – Bluetooth के इस version को 2004 launch किया गया था. इस version की maximum speed 1 MBPS से 3 MBPS के बीच थी और maximum range 30 meter या 100 feet थी
  • Bluetooth 3.0 – इस Bluetooth को वर्ष 2009 में release किया गया था जिसकी 3 mbps EDR के साथ और 24 MBPS थी 802.11 link के ऊपर. Bluetooth 3.0 भी 100 feetया 30 की range ही provide करवाता है
  • Bluetooth 4.0 – इसको 2013 में release किया गया इस version की maximum range 60-meter या 200 feet है. वही transfer speed EDR के साथ 3 MBPS और 1 MBPS low energy पर है
  • Bluetooth 5.0 – ये Bluetooth का latest version है जो 240-meter या 800 feet तक की range provide करता है. वही transfer speed यहाँ जो मिलती है वो EDR के साथ 3 MBPS व low energy पर २ MBPS है. इस version को 2017 में release किया गया था

Bluetooth काम कैसे करता है | how Bluetooth works in Hindi

Bluetooth बहुत आम हो चला है और Bluetooth की मदद से आप file transfer और wirelessly दूसरी devices से connect कर सकते है. लेकिन शायद आप ये नहीं जानते की technology काम कैसे करती है.

Bluetooth devices communicate करने के लिए low power radio waves का इस्तेमाल करती है. जिनकी frequency 2.400 GHz से 2.483.5 GHZ के बीच में होती है. Bluetooth enabled devices independently communicate करती है. Bluetooth enabled devices को किसी तीसरी device जैसे की Wi-Fi की जरूरत नहीं पड़ती communicate करने के लिए

आज के समय में Bluetooth में दो तरह की technology मौजूद है एक है Bluetooth low energy दूसरी है Bluetooth classic जिसको की Bluetooth basic rate/enhanced data rate या BR/EDR के नाम से भी जाना जाता है

हलांकि दोनों ही same frequency का इस्तेमाल करते है communication करने के लिए. इन दोनों में से Bluetooth LE ज्यादा popular है. कुहुकी Bluetooth LE को operate करने के लिए कम energy की जरूरत होती है. इसके अलावा इसका इस्तेमाल broadcast या mesh network पर भी communicate करने के लिए किया जाता है व point तो point connection के लिए भी

Classic Bluetooth technology जो है वो थोडा ज्यादा transfer rate provide करती है Bluetooth LE की तुलना में पर इसको हम सिर्फ दो devices के बीच या point to point connection के लिए इस्तेमाल कर सकते है

Bluetooth का नाम Bluetooth क्यों रखा गया

Harald Bluetooth नाम का Denmark का राजा था late 900`s में उस के कारण Denmark और Norway एक ही kingdom का हिस्सा बन गए थे. दोनों को एक करने के बाद उसने Denmark में भी ईसाई धर्म को लागू किया. Bluetooth के inventor ने Dr Jaap haartsen जो Ericsson में काम करते थे. Technology को अपना नाम देने की बजाये जैसा की आम तौर पर होता है. इस technology को राजा का नाम देना का निर्णय लिया क्युकी वो उनसे प्रभावित थे

Bluetooth की official website address

Bluetooth website

Bluetooth की range कितनी होती है

वैसे तो Bluetooth को short-range technology माना जाता है. पर इसका इस्तेमाल एक kilometre से भी ज्यादा दूर devices को connect करने के लिए किया जा सकता है

वैसे जितनी भी Bluetooth devices का इस्तेमाल आप करते है वो short range की साथ आती है. और उनकी range को जान भुझ कर manufacturers short कर देते है.

पर आज के समय पर आने वाली Bluetooth technology 1 kilometre तक की range provide करती है. अगर manufacturer चाहे तो इस short range को बढ़ा सकते है. वो जान भूझ कर ऐसा नहीं करते.

पर अगर manufacture चाहे तो Bluetooth की configuration change कर के ऐसा कर सकते है

पर ऐसा करने से battery performance और signal quality पर असर पड़ता है तो manufactures जितनी जरूरत है उतनी Bluetooth की range खोलते है

Bluetooth security कैसे काम करती है

Bluetooth technology कई तरह के security measures का इस्तेमाल करती है. जैसे की अगर आप किसी दो devices को connect करना चाहते है तो इसके लिए आप दोनों को pairing करना पड़ता है. Pairing करने के दौरान आपको special security key मिलती है जो आपको दूसरी device में डालनी पड़ती है. ऐसा करने से ही आप किसी device के साथ pair कर पायेंगे. एक बार आप किसी device को pair कर लेते है तो आपको बार-बार उसको pair करने की जरूरत नहीं होती है

बिना pairing के device connection संभव नहीं होता. इसके अलावा security key की मदद से डाटा को encrypt कर दिया जाता है. ऐसा करने से सिर्फ paired devices ही डाटा को decrypt कर सकती है दूसरी device नहीं

इसके अलावा ये security key address की तरह भी काम करती है जिसकी मदद से device को identify करने में मदद मिलती है

Bluetooth technology इन security measures की मदद से security प्रदान करती है

तो ऐसे में Bluetooth technology और transfer काफी safe बन जाता है

Bluetooth advantages in Hindi | Bluetooth के फायदे क्या है

  • ये device की बहुत ही कम power को consume करता है
  • Bluetooth का इस्तेमाल voice और data transfer के लिए किया जा सकता है
  • Bluetooth technology बहुत ही cheap है. इस लिए इसका इस्तेमाल सस्ती devices में भी किया जा सकता है या इसके इस्तेमाल के कारण device की cost ज्यादा increase नहीं होती
  • ये Free to use है आपको इसके इस्तेमाल के लिए कोई charge नहीं देना पड़ता है
  • दूसरी wireless devices के साथ interfere नहीं करता
  • Infrared communication से better range provide करता है
  • Infrared की तरह आपको इसको line of sight में रखने की जरूरत नहीं होती ये radio signals भेज कर काम करता है. टीवी का रिमोट infrared technology की मदद से काम करता है और जब तक line of sight ना हो वो काम नहीं करता Bluetooth के साथ ऐसा नहीं है
  • Cheap और effective होने के कारण आपको cars, printer, keyboard जैसे रोज़ इस्तेमाल होने वाली devices में देखने को मिल जाएगी. इसका इस्तेमाल बेहद आम हो गया है. और इसके समय के साथ improved versions भी आ रहे है जो इसको और बेहतर बना रहे है

Bluetooth Disadvantages in Hindi | Bluetooth के नुकसान

  • WIFI की तुलना में इसकी bandwidth कम होती है
  • इसको Hack करना संभव है
  • ये short range of communication provide करता है. तो ऐसे में बहुत अधिक दूरी होने पर इसके इस्तेमाल से data या voice transfer संभव नहीं

हलांकि Bluetooth के बहुत अधिक नुकसान या कहे cons नहीं है इसके advantages ज्यादा है. इसी कारण आज भी इस technology का इस्तेमाल खूब किया जाता है. ये technology smartphones से भी पुरानी है इसकी history के बारे में हम आपको ऊपर बता चुके है

 

Bluetooth FAQ

1. Bluetooth का latest version कौन सा है

Answer Bluetooth का latest version है Bluetooth 5.2

2.Bluetooth driver क्या होता है

Bluetooth driver wireless communication को allow करता है दो Bluetooth enabled devices के बीच में

3.PC में Bluetooth कैसे add करें

वैसे तो नए PC और laptop में पहले से ही Bluetooth आता है लेकिन फिर भी अगर आपके PC में Bluetooth नहीं है तो आप USB port के ज़रिये बाज़ार में 300-400 में मिलने वाले Bluetooth dongle लगा सकते है

4.कौन-कौन से devices में Bluetooth आता है

आज कल बहुत से devices में Bluetooth की सुविधा मौजूद होती है जैसे की आपको mobile, tablet, headphone, earphone, speaker, cars, mouse, keyboard, security gadget, air fresheners, watches, fitness band, toys आदि में Bluetooth देखने को मिल जायेगा. इसके अलावा और भी बहुत से devices में आपको Bluetooth देखने को मिल जायेगा. ये एक बहुत सस्ती और बहुत popular technology हो चुकी है

5. क्या दूसरी Radio frequency devices Bluetooth device से interfere करती है

इसका जवाब है नहीं क्यु की Bluetooth operate करता है 2.4 GHz unlicensed frequency पर Bluetooth radios जो होते है वो frequencies को rapid पर switch करते है लगभग 1600 times per second की speed पर इसके अलावा इसके द्वारा भेजे गए डाटा packets इतने small होते है की radio frequency के साथ interfere नहीं करते. Radio frequency का इस्तेमाल घर में होने वाले ये devices करते है जैसे की cordless phone, microwave ovens इसके अलावा और भी devices होती है जो radio frequency का इस्तेमाल करती है

6. Bluetooth speaker को फ़ोन से connect कैसे करें

सबसे से पहले तो आपके दोनों device पूरी तरह से charge होने चाहिए इसके बाद आपको speaker को on करना है और अपने फ़ोन का Bluetooth भी on करना है. इसके बाद आपको फ़ोन के Bluetooth setting में जा कर scan for device को click करना है. और जो भी आपके speaker का नाम है उसको find हो जाने के बाद select करना है बस इसके बाद आपका फ़ोन आपके Bluetooth speaker से connect हो जायेगा

Conclusion

आज के समय में भी ये Bluetooth की पुरानी technology new updates के साथ काफी उपयोगी बनी हुई है. और हम में से बहुत लोग इसका इस्तेमाल करके आपने जीवन को आसान बना रहे है. आशा करते है हमारे द्वारा दी गयी जानकारी से आपको Bluetooth क्या है ये समझ में आ गया होगा. अगर अभी भी आपके मन में को सवाल हो तो आप हमसे comment section में पूछ सकते है

Devanshu wadhwa

मैं एक ब्लॉगर व इस ब्लॉग का संस्थापक हु यहाँ इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी लिखता हूं आप चाहे तो हमारे ब्लॉग को सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते है
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